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'लेडी सिंघम' बनीं आईपीएस अनुष्ठा कालिया! उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच डटी रहीं, वायरल वीडियो ने बटोरी सुर्खियां

 


राजस्थान कैडर की 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी अनुष्ठा कालिया इन दिनों सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। बीकानेर में बिजली कंपनी के खिलाफ हो रहे उग्र प्रदर्शन के दौरान उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारी भीड़, नारेबाजी और राजनीतिक दबाव के बीच कानून-व्यवस्था संभालती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में उनका सख्त लेकिन संयमित रवैया लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' कहकर संबोधित कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके व्यवहार को लेकर बहस भी कर रहे हैं।

दरअसल, पूरा मामला बीकानेर जिले का है, जहां बिजली कंपनी की कार्यशैली और लगातार बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में लोग रात के समय सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन को आशंका थी कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण बीकानेर सदर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुष्ठा कालिया स्वयं मौके पर पहुंचीं।

प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और लोगों को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की अपील की। लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय नेता भगवान सिंह और आईपीएस अधिकारी अनुष्ठा कालिया के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।

करीब 1 मिनट 52 सेकंड के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अनुष्ठा कालिया प्रदर्शनकारियों से शांत रहने और कानून के दायरे में रहकर बातचीत करने की बात कह रही हैं। वीडियो में वह कहती हैं, "आराम से बात करें आप पहले।" इसके जवाब में प्रदर्शनकारी पूछते हैं, "क्या आप हमसे बात करने आई हैं?" इस पर आईपीएस अधिकारी उन्हें आवाज धीमी रखने की सलाह देती हैं। इसके बाद बातचीत का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो जाता है और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो जाती है।

वीडियो में एक क्षण ऐसा भी आता है जब अनुष्ठा कालिया प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे व्यक्ति से उसकी पहचान पूछती हैं। जवाब में वह खुद को भगवान सिंह बताते हैं। इसके बाद दोनों के बीच कुछ तीखी टिप्पणियां भी सुनाई देती हैं। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान आईपीएस अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास करती दिखाई देती हैं। उन्होंने बार-बार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

स्थिति तब और अधिक गर्मा गई जब प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कई लोग एक साथ अपनी शिकायतें रखने लगे और माहौल काफी शोरगुल वाला हो गया। इसके बावजूद अनुष्ठा कालिया मौके पर डटी रहीं और लगातार लोगों को समझाने का प्रयास करती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी दबाव और विरोध के बावजूद उन्होंने संयम नहीं खोया और पूरे समय प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाती रहीं।

वायरल वीडियो में एक प्रदर्शनकारी आईपीएस अधिकारी के व्यवहार पर भी सवाल उठाता दिखाई देता है। वह कहता है कि लोगों को खुशी होती है जब युवा अधिकारी चयनित होकर प्रशासन में आते हैं, लेकिन उनका व्यवहार उचित नहीं है। इसके जवाब में अनुष्ठा कालिया स्पष्ट शब्दों में कहती हैं कि उनका व्यवहार कहीं से भी गलत नहीं था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और वह उसी के अनुसार कार्य कर रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई कि प्रदर्शनकारियों ने मौके पर "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" जैसे नारे भी लगाए। आमतौर पर ऐसे हालात में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है, लेकिन अनुष्ठा कालिया वहां से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने लगातार भीड़ से संवाद बनाए रखा और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर कई लोग उनके साहस और दृढ़ता की प्रशंसा कर रहे हैं।

वायरल वीडियो के बाद अनुष्ठा कालिया की व्यक्तिगत और पेशेवर पृष्ठभूमि को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। दिल्ली में जन्मीं अनुष्ठा कालिया का जन्म 18 नवंबर 1997 को हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। वर्ष 2021 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 143वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ।

अनुष्ठा कालिया मूल रूप से एजीएमयूटी कैडर से जुड़ी थीं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने पति और बैचमेट आईपीएस अधिकारी विशाल जांगिड़ के साथ विवाह के बाद राजस्थान कैडर में स्थानांतरण कराया। विशाल जांगिड़ भी 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशासनिक हलकों में उनकी शादी को एक सफल और प्रेरणादायक प्रेम विवाह के रूप में देखा जाता है।

बीकानेर सदर में बतौर एएसपी उनकी यह शुरुआती पोस्टिंग मानी जा रही है, लेकिन कम समय में ही उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली है। स्थानीय स्तर पर कई लोग उन्हें एक सख्त और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में देखते हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने उनकी लोकप्रियता और चर्चा को और बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में जिस तरह उन्होंने भीड़ का सामना किया, वह एक युवा पुलिस अधिकारी के आत्मविश्वास और प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

हालांकि इस पूरे मामले को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग प्रदर्शनकारियों की समस्याओं को जायज बताते हुए प्रशासन से अधिक संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग यह मानते हैं कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और अनुष्ठा कालिया ने वही किया जो एक अधिकारी के रूप में उनसे अपेक्षित था। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बीकानेर में हुई यह घटना एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में संयम, दृढ़ता और त्वरित निर्णय क्षमता ही किसी अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत होती है। वायरल वीडियो के बाद अनुष्ठा कालिया की छवि एक निडर और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में उभरकर सामने आई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना उनकी प्रशासनिक यात्रा में किस तरह का प्रभाव छोड़ती है।

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